SCAM 1992 The Harshad Mehta Story | सचाई जान ले वेब सीरीज देखने से पहले

SCAM 1992 The Harshad Mehta Story वेब  सीरीज के बारे में 

जब भी हम हर्षद मेहता का नाम सुनते है हमारे दिमाग में स्कैम पहले आता है | और ये आना स्वाभाविक भी है क्युकी ये stock market का सबसे बड़ा स्कैम था | हाल ही में release हुए SonyLIV की वेब सीरीज Scam 1992 जो इस साल की सबसे बेस्ट वेब सीरीज की लिस्ट में सामिल हुआ है SCAM 1992 The Harshad Mehta Story को IMDB रेटिंग 9.6/10  है इससे आप अंदाजा लगा ही सकते है की कितनी बेहतरीन वेब सीरीज होगी

अगर आप ने नही देखा अभी तक तो जाके जरूर देखे आप भी फैन हो जाओगे इस वेब सीरीज का | ये वेब सीरीज को डायरेक्ट हंसल मेहता ने किया है जो बॉलीवुड के अछे डायरेक्टर में से माने जाते है हर्षत मेहता का किरदार प्रतिक गाँधी ने निभाया है इतनी शानदार एक्टिंग निभाया है आप थोड़े भी बोर नही होगे इस वेब सीरीज से |

ये वेब सीरीज जौर्नालिस्ट Sucheta Dalal and Debashish Basu’s के बुक  The Scam: Who Won, who Lost, who Got Away पे आधारित है Sucheta Dalal ने ही इस स्कैम को बाहर लाया थी |

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वेब सीरीज देखने से पहले फाइनेंसियल टर्म के बारे में जान लेते है 

तो चलिए वेब सीरीज देखेने से पहले इस स्कैम के बारे मे जान लेते है फिर हमें आईडिया हो जायेगा की वेब सीरीज में चल क्या रहा है जिससे की आप बोर न हो देखेते टाइम | इस वेब सीरीज में कुछ फाइनेंसियल टर्म का यूज किया गया है जो इस आर्टिकल में जानेगे जिससे आप बिना गूगल किये वेब सीरीज आराम से देख पाए|

जानते है हर्षद मेहता की कहानी को 

तो चलिए स्टार्ट करते है इस कहानी को |

हर्षद मेहता ने अपनी बी.कॉम की पढाई Lala Lajpat Rai College, Mumbai से पूरी की और कुछ साल तक अलग अलग कम्पनी में काम किया हर्षद एक लोअर क्लास गुजरती फॅमिली से था इसके पिता का गारमेंट्स का बिज़नस था जो की फ्लॉप हो चूका था |

हर्षद मेहता के नौकरी के दौरान stock मार्किट के बारे में पता चला और उसमे रूचि आने लगी फिर हर्षद ने अपनी नौकरी छोड़कर B AMBALAL को ज्वाइन किया कुछ टाइम जॉब करने के बाद हर्षद J.L. Shah और Nandlal Seth का stock ब्रोकर बना |

1984 में अपने भाई अश्विन मेहता के साथ मिलकर Growmore research and asset management कम्पनी स्टार्ट किया और BSE India के साथ मिलकर ब्रोकर का काम स्टार्ट किया|

स्कैम कैसे हुआ 

हर्षद मेहता ने अपने इस स्कैम में Ready forward deal का उपयोग किया था गोवेर्मेंट्स अपने प्रोजेक्ट्स के खर्चे पुरे करने के लिए Securities इशू करते है जिसे हम Government Securities कहते हैजैसे की government bond. Government अपने expanses के लिए पैसा उठाती है और इनवेस्टर्स को कुछ interest pay करती है

इसमें सारे banks को कुछ amounts pay करना अनिवार्य था | फिर जब banks को पैसे की जरूरत पड़ती थी तो अपने securities को दुसरे banks को बेच देती थी और short terms के लिए लोन लेती थी और कुछ दिनों के बाद तय की हुई interests के साथ लोन return कर देती थी और अपने securities को वापस ले लेती थी | जैसे हम अपना सोना चांदी किसी सोनार के पास गिरवी रख देते है और कुछ पैसे लोन लेते है बाद में interest के साथ पैसे वापस करके सोनार से अपने सोने चांदी वापस लेलेते है |

बिलकुल ऐसे ही Ready forward deal काम करता है. Ready forward deal banks के लिए short टर्म लोन के लिए काम करता था | Ready forward deal में brokers मीडिएटर का काम करती थी जिनका कम था जिन banks को securities बेचना है उनके लिए buyer और जिन्हें securities खरीदना है उनके लिए seller लाने का कम करते थे |

Ready forward deal में कुछ loopholes थे जिसका फायदा हर्षद मेहता ने बहुत अछे से लिया | जानते है कैसे हर्षद मेहता इसका फायदा उठाता था |

Bank 1 जिसे securities बेचनी है हर्षद उनसे securities लेलेता था और उनसे कुछ वक़्त माग लेता था Bank 2 जिसे securities खरीदना है उसने लिया हुआ cash अपने पास कुछ दिन के लिए रख लेता था और bank 2 से कुछ दिन का समय माग लेता था RBI rules के हिसाब से banks को securities खरीदेंने वाले bank के नाम से चेक issue करना होता था लेकिन banks चेक डायरेक्ट हर्षद मेहता के नाम से issue करती थी उस टाइम पे हर्षद मेहता का बहुत नाम हुआ करता था |

बहुत सारे banks को पता ही नही होता वो किस banks के साथ deal कर रहे है क्युकी banks डायरेक्ट हर्षद मेहता के साथ deal करते थे इसी का फायदा उठाकर हर्षद मेहता banks के दिये हुए पैसो का stock market में शेयर के price बढाने के लिए यूज़ करता था मतलब stock market को manipulate करता था | जब bank1 पैसे मागती थी तो हर्षद bank3 से deal कर लेता था और bank3 से पैसे लेके उनसे कुछ वक्त माग लेता था ऐसे करके कई banks के साथ deal करके Ready forward deal के पैसे stock market के price manipulate करता था |

Government Securities बेचने वाले banks असल में Government Securities नही देते थे Government Securities के जगह पे banks BR issue करते थे BR का मतलब bank receipt.

अब इस bank receipt से कन्फर्म हो जाता था की Government Securities सेल हो चुकी है और Government Securities बेचेने वाले banks को पैसे मिल गये है |

जब हर्षद मेहता को पैसे कम पड़ने लगे stock market के stocks को manipulate करने लिए तब तो हर्षद मेहता ने सारी हदे पार करके 1 step और आगे निकल गया और कुछ banks के मदद से  fake bank receipt बनवाए और उसे इस्तेमाल करना सुरु किया जीने banks को Government Securities खरीदनी होती थी

हर्षद उसे fake bank receipt देता था और banks ये समझता था की bank receipt ओरिजिनल है और उन्हें गवर्मेंट सिक्योरिटीज मिल गयी है | हर्षद इस पैसो का उपयोग stock market manipulate करने के लिए यूज़ किया बहुत से कम्पनीज के stock price बहुत high price पे पंहुचा दिया

कैसे expose हुआ स्कैम |

ACC का stocks कुछ महीनो के अंदर ही 200Rs से 9000Rs तक पंहुचा दिया था| banks से मिला हुआ पैसा हर्षद ने stock market में बहुत जादा इन्वेस्ट किया और stock market में तेजी से बूम आगया और individuals इनवेस्टर्स जायदा इन्वेमेंट करना स्टार्ट कर दिये| जब stock price अपने peak पे आता था तब हर्षद अपने stocks sell करके अच्छा पैसा कमा लेता था और banks को पैसे pay करके अपना fake bank receipt वापस लेता था ये सिलसिला कई सालो तक चला और ये तबतक चला जबतक stock market अछे से चला |

लेकिन इस स्कैम का ब्लास्ट तो होना ही था कुछ सालो बाद जब मंदी का दौर आया stock market गिरने लगा तब हर्षद को अछा खासा loss होने लगे जिससे वो banks का पैसे return नही कर पाया तभी अप्रैल 1992 को जौर्नालिस्ट Sucheta Dalal टाइम्स ऑफ़ इंडिया के articals में  हर्षद के कारनामो का पर्दाफाश किया और हर्षद मेहता स्कैम expose किया

फिर banks को पता चला हर्षद की दी हुए bank receipts तो fake है जिनकी कोई value ही नही है बैंकिंग सिस्टम को कम से कम 3-4 हज़ार करोड़ का loss हुआ था आज के टाइम पे इसकी value 25 हज़ार करोड़ से जायदा की है ये स्कैम के बाद stock market बहुत बुरी तरह से ब्लास्ट हुआ था ये स्कैम के बाद VIJAYA Bank के chairmen ने आत्महत्या कर ली थी

CBI ने 9 NOV 1992 को हर्षद को आरेस्ट किया था हर्षद पे 600 सिविल एक्शन सूट और 70 क्रिमिनल्स केस दर्ज हुआ था | SEBI ने हर्षद को हमेशा के लिए stock market में इन्वेस्ट करने लिए banned कर दिया था हर्षद को ठाणे मुबई जेल में रखा था एक रात को हर्षद को जेल में सिने मे दर्द हुआ और 31 DEC 2001 को उसकी मृत्यु हो गयी |

हर्षद का life sytle कैसा था 

  • हर्षद के बड़े बड़े पॉलिटिक्स संबध भी थे हर्षद के लाइफ स्टाइल सेलेब्रिटी से भी अछि थी कई न्यूज़ ने हर्षद को stock market का अमिताब बचान लिखते थे|
  • हर्षद ने 26 करोड़ का advance टैक्स pay करके इंडिया का उस टाइम का सबसे बड़ा individuals टैक्स payer था |
  • हर्षद के पास imported cars और करोडो का घर था |
  • हर्षद मेहता को लोग big bull के नाम से जानते है क्युकी ऐसा कहते थे 1992 के bull उसी ने स्टार्ट किया था |
  • केतन पारिक हर्षद मेहता के फर्म में ट्रेनी के तौर पे ज्वाइन हुआ था आगे चल के उसने भी कुछ स्कैम किये अगले आर्टिकल में उसके स्कैम के बारे में जानेगे |

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Dhananjay Singh

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