Mutual Fund Kaise kaam krta hai | 5 मिनट में जाने म्यूच्यूअल फण्ड कैसे काम करता है

Mutual Fund Kaise kaam krta hai : Intro

म्यूच्यूअल फण्ड में हम या परिवार का कोई सदस्य या कोई ना कोई रिश्तेदारों में इन्वेस्टमेंट किया होता है और बहुत सारे लोग daily इन्वेस्टमेंट करते रहते है और करे भी क्यों ना म्यूच्यूअल फण्ड के broker हमें सुझाव देते रहते है हम बिना कुछ ज्यादा सोचे समझे इन्वेस्टमेंट के लिए तैयार हो जाते है लेकिन ऐसा नही करना चाहिए हमारे जीवन यापन के लिए पैसा बहुत जरुरी है और हम पूरी जिन्दगी पैसे बनाने में निकाल देते है तो इतनी आसानी से बिना कुछ जाने हम पैसे कैसे निवेश कर सकते है म्यूच्यूअल फण्ड में |

दोस्तों मैंने लगभग 15 म्यूच्यूअल फण्ड कम्पनी के फण्ड को मैनेज किया है कस्टमर के समस्या को देखता था किसी भी प्रकार के issue जैसे Commercial & Non Commercial में इन्वेस्टर का हेल्प करता था और हज़ारो – लाखो portfolio देखता था मेरा बहुत सारे इन्वेस्टर ऐसे आते थे जिनको म्यूच्यूअल फण्ड के बारे कुछ पता नही होता ता वो किसी के कहने पे निवेश किये थे तो आज जानेगे की म्यूच्यूअल फण्ड कम्पनीज कैसे काम करती है उनका लीगल structure कैसे होता है , वो अपना पैसे कैसे इन्वेस्टमेंट करती है , भारत सरकार का क्या role & responsibility है और भी बहुत कुछ |

Mutual Fund Structure:

म्यूच्यूअल फंड कम्पनी को AMC ( Asset management company) कहते है म्यूच्यूअल फण्ड कम्पनी बनाने के लिए 4 कम्पनीज और 1 RTA का साथ होना चाहिए |

  1. Sponsor
  2. Trustees
  3. Asset management company (AMC)
  4. Custodians
  5. RTA(Registrars to an Issue and Share Transfer Agents)  
Mutual funds
Structure : Mutual Fund Kaise kaam krta hai

USA में म्यूच्यूअल फण्ड एक इन्वेमेंट कम्पनी की तरह से सेटअप किया जाता है जबकि UK में इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट या कम्पनी की तरह सेटअप किया जाता है |

जबकि भारत में म्यूच्यूअल फण्ड ट्रस्ट के तरह सेटअप किया जाता है म्यूच्यूअल फण्ड structure को SEBI (Mutual Fund) Regulations, 1996. भारत में म्यूच्यूअल फण्ड 3 टियर structure को फॉलो करता है जैसे Sponsor, trust & Asset management company(AMC).

Sponsor म्यूच्यूअल फण्ड को प्रमोट करता है AMC सेटअप काम करता है म्यूच्यूअल खुद ही एक ट्रस्ट की तरह बनता है|

Trustees, Asset management company(AMC) को appoint करता है फण्ड मैनेज करने के लिए|

AMC setup
How its start : Mutual Fund Kaise kaam krta hai

Sponsor म्यूच्यूअल फण्ड का प्रोमोटर होता है जो की trust और AMC को सेटअप करता है और custodian को appoint करता है | Sponsor का बहुत बड़ा role होता है म्यूच्यूअल फण्ड AMC बनाने में | Trustees और AMC के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर की नियुक्ति Sponsor ही करता है और SEBI से अप्रूवल लेने का काम भी इसी का है मतलब जय्दतार responsibility Sponsor की ही होती है |

SEBI का क्या eligibility criteria क्या होता है Sponsor के लिए |

  • Sponsor को अपने बिज़नस के सारे transaction का रिकार्ड्स अछे से पारदर्शिता के साथ रखना होता है अगर कोई भी Audit का allegation हो फ्रॉड केस चल रहे हो कम्पनी के ऊपर तो SEBI अप्रूवल नही देती है|
  • 5 साल का experience होना चाहिए फाइनेंसियल इंडस्ट्री में ऐसा नही है की कोई भी Private या Public limited कम्पनी बना के आसानी से अप्रूवल लेले पहले 5 साल तक finance में कम करना पड़ता कस्टमर को सर्विस देना पड़ता है |
  • लास्ट के 5 सालो में अच्छा रिकॉर्ड होना और पॉजिटिव net-worth होना अनिवार्य है|
  • Sponsor का नेट वर्थ AMC में जितना पैसा लगा रहा है उससे ज्यादा होना चाहिए मतलब की Sponsor की कम्पनी की value AMC के value जायदा होना चाहिए|
  • Sponsor को profitable होना अनिवार्य है जैसे की लास्ट 5 सालो में Sponsor का loss नही हुआ हो कम्पनी में प्रॉफिट होना चाहिए |
  • Sponsor कम से कम 40% AMC के share को लेना अनिवार्य है |
  • किसी फ्रॉड केस ने ना फस हो कभी और Fit और Person होना चाहिए|

Sponsor भारत का हो सकता है, banks या financial institutions, foreign entities या एक  joint venture  हो सकता 2 कम्पनीज के बिच में |

उदाहरण के तौर पे : ICICI Prudential Mutual Fund को ICICI bank और Prudential Plc जॉइंट वेंचर दोनों Sponsor है दोनों ने अपना फण्ड लगाया है AMC में |

Trustees :

म्यूच्यूअल फण्ड खुद ही एक ट्रस्ट के जैसे काम करता है | trustees को Sponsor appoint करता है SEBI से अप्रूवल के बाद | Trustees यूनिट होल्डर( Investors ) का protestor होता है और Guardian के तौर पे काम करता है जिससे investors का पैसा सुरछित रहता है | trustees का काम ही यही होता है investors के यूनिट्स को अच्छे से मॉनिटर कर सके जिससे investors का interests बना रहे |

Asset Management Company (AMC) :

  • AMC इन्वेस्टर मेनेजर के जैसे काम करता है और ये Sponsor के द्वारा सेटअप किया जाता है AMC SEBI के साथ registered होता है AMC Private या Public limited हो सकता है |
  • AMC का पैसा 40% पैसा Sponsor के तरफ से इन्वेस्ट किया जाता है |
  • AMC में कितना पैसा इन्वेस्ट हुआ है उसको जानने के लिए Assets under Management (AUM) को देखते है AUM से पता चल जाता है की हर एक स्कीम में कितना पैसा इन्वेस्ट हुआ है |
  • AMC म्यूच्यूअल फण्ड का face होता है इनका काम होता है ऑफिस सेटअप करना, एम्प्लाइज hire करना, product बनाना उसका मार्केटिंग करना distributors के जरिये | funds को manage और portfolio के परफॉरमेंस रिपोर्ट्स बना के Trustees और investor को शेयर करते है |

SEBI regulations for AMCs:

  • AMC का networth कम से कम 50 करोड़ होना चाहिए और इससे कम नही होना चाहिए | लेकिन केवल debt फण्ड के लिए networth कम से कम 10 करोड़ होना अनिवार्य है |
  • AMC के लगभग 50% बोर्ड मेम्बेर्स independent होते है |
  • AMC इन्वेस्टमेंट और फिनासिअल एडवाइजरी के अलावा और कोई बिज़नस नही कर सकता है साथ ही AMC को सारे एक्टिविटीज के रिपोर्ट्स हर 3 महिने में turstees को देना होता है |
  • AMC को सारे एक्टिविटीज और compliance एक तय की हुए समय में SEBI को देना होता है |

Custodians:

Custodians का काम होता है म्यूच्यूअल फण्ड के cash और securities सुरक्षित रखना | custodian  नाम से आप को idea मिल गया होगा custody में रखना म्यूच्यूअल फण्ड के assests को अपने custody में रखता है| जिससे investors का पैसा safe रह सके |

Custodians SEBI से registered होता है और trustees इसको appoint करता है | Custodians independent होता है मतलब की Sponsor Custodians नही बन सकता है |

Custodians म्यूच्यूअल फण्ड के securities transactions को करता है |

  • cash और securities का लेन – देन करना | म्यूच्यूअल फण्ड के portfolio के सारे  transaction को कम्पलीट करने का काम करता है |
  • Rights issue, bonus issue, offer for sale, buy back offers, dividends, interest और redemption इनके payout को ट्रैक करता है ऐसे किसी भी AMC के एक्शन को ट्रैक करता है जिससे AMC कुछ गलत ना कर पाए |
  • Demat में जो म्यूच्यूअल फण्ड के securities होते है उनके लिए Depository Participants (DPs) से coordinate करता है |

RTA (Registrars to an Issue and Share Transfer Agents) Regulations 1993 :

  • RTA का भी बहुत बड़ा role होता है म्यूच्यूअल फण्ड को manage करने में |  इंडिया में 2 बड़े RTA है Karvy और CAMS
  • RTA का काम होता है investors का एप्लीकेशन लेना और म्यूच्यूअल फण्ड के units को allot करना और सारे banks के transaction जैसे ऑनलाइन पेमेंट , ऑफलाइन पेमेंट को verify करना उसके अनुसार यूनिट को allot करना |
  • RTA KYC भी करता है जब भी हम म्यूच्यूअल फण्ड में इन्वेस्ट करते है तो KYC( Know your customer) की जरूरत पडती है ये काम भी RTA ही करता है |
  • Redemption के लिए भी RTA के पास रिक्वेस्ट देते है मतलब की जब भी आपका म्यूच्यूअल फण्ड mature हो जाता है या आपको units सेल करना होता है ये सारे काम भी RTA करता है |
  • Dividend जब भी AMC देती है उसे investors को pay करने का काम RTA ही करता है |
  • 1 म्यूच्यूअल फण्ड के 1 ही RTA होता है तो ध्यान रखिये जब भी आप म्यूच्यूअल फण्ड में इन्वेस्ट करते है तो RTA के बारे में पता कर ले आपके घर के नजदीकी kunsa का RTA ऑफिस है जिससे आप कोई भी रिक्वेस्ट दे सके |
  • आपके फोलियो में कुछ भी changes करना होता है जैसे नाम , एड्रेस , डेट ऑफ़ बिर्थ , नॉमिनी नाम कोई भी non commercial changes भी यही से होता है |
  • ये म्यूच्यूअल फण्ड का structure है इतने सारे रेगुलेशन और कम्पनीयां मिल के 1 म्यूच्यूअल फण्ड कम्पनी बनाते है जिससे आपका पैसा सुरछित रहे इसीलिए इंडिया में म्यूच्यूअल फण्ड कम्पनी जायदा नही है इंडिया में केवल 44 म्यूच्यूअल फण्ड कम्पनी है |

आशा करता हु आपको कुछ समझ में आया होगा | म्यूच्यूअल फण्ड के सीरीज बना रहा हु जिसमे सारे topics बताऊंगा | कुछ भी सवाल हो निचे कमेंट करे अगर आपको अच्छा लगे तो अपने दोस्तों और परिवार को शेयर करे |

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Dhananjay Singh

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